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PM-MKSSY Yojana 2024 : सरकार ने शुरू की नई योजना, 1.7 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी

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PM-MKSSY Yojana 2024: देश में किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा मछली पालन को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जा रहा है। 8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने “प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई)” को मंजूरी दी है।

इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार 6,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी और यह योजना 2023-24 से 2026-27 तक लागू की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मछली पालन से जुड़े व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।

यह PM-MKSSY Yojana मछुआरों, मछली श्रमिकों, मछली विक्रेताओं, मालिकाना फर्मों, साझेदारी फर्मों, पंजीकृत कंपनियों, सोसाइटियों, एलएलपी, सहकारी समितियों, संघों, एसएचजी, एफएफपीओ और स्टार्टअप्स को समर्थन प्रदान करेगी।

क्या है प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY Yojana 2024)का उद्देश्य

सरकार की इस PM-MKSSY Yojana का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक बनाना और मत्स्य पालन से जुड़े सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को समर्थन देना है। फिशरीज सेक्टर में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बावजूद इस क्षेत्र में कई क्षेत्रीय चुनौतियां महसूस की जा रही हैं। फसल जोखिम, कार्य आधारित पहचान की कमी, लोन तक पहुंच ना होना, छोटी और माइक्रो यूनिट द्वारा बेची जाने वाली मछलियों की सुरक्षा और गुणवत्ता बरकरार रखना जैसे मुद्दों को नई प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के लक्ष्य छह हजार करोड़ रुपये से दूर किया जाएगा।

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रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना का फायदा किसे मिलेगा?

सरकार के मुताबिक योजना का लाभ मछुआरे, मछली (जलीय कृषि) किसान, मछली श्रमिक, मछली विक्रेता या ऐसे अन्य व्यक्ति जो सीधे मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला से जुड़े हुए लोगों को होगा।

इसके साथ ही प्रॉपराइटरी फर्मों, साझेदारी फर्मों और भारत में पंजीकृत कंपनियों, समितियां, सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी), सहकारी समितियों, संघों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), मछली किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) जैसे ग्राम स्तरीय संगठनों के रूप में सूक्ष्म और लघु उद्यम और मत्स्य पालन व जलीय कृषि मूल्य श्रृंखला में लगे स्टार्टअप, किसान उत्पादक संगठनों FPO को योजना का लाभ मिलेगा।

PM-MKSSY Yojana 2024

 

मछली पालन क्षेत्र में बढ़ेगा रोजगार

सरकार के अनुसार, यह योजना सिर्फ मछुआरों के लाभ के लिए ही नहीं है, बल्कि इससे देश में रोजगार का सृजन भी होगा। प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM–MKSSY) से निम्नलिखित लाभ होंगे:

• 40 लाख Small और Mirco यूनिट को पहचान देने के लिए नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफार्म बनाया जाएगा,

• 6.4 लाख Mirco और 5,500 मत्स्य पालन सहकारी समितियों तक लोन की सुविधा पहुंचाई जाएगी,

• गुणवत्ता वाली मछली उत्पादन पर जोर दिया जाएगा,

• पर्यावरण और स्थिरता की पहल को बढ़ावा दिया जाएगा,

• व्यवसाय करने में आसानी और पारदर्शिता की सुविधा दी जाएगी,

• एक्वा कल्चर के लिए बीमा कवरेज की मदद से बीमारी पर रोकथाम लगाई जाएगी,

• वैल्यू एडेड के माध्यम से सीफूड एक्सपोर्ट को बाजार में मजबूत किया जाएगा,

• घरेलू बाजार में मछली और उससे बने प्रोडक्ट की गुणवत्ता में सुधार लाना,

• घरेलू बाजारों को मजबूत किया जाएगा,

• कारोबार का डपलवमेंट, नौकरियों के रास्ते खोलना और कारोबार को आसान बनाया जाएगा,

• कारोबार वाली जगह पर महिलाओं को सुरक्षा दी जाएगी,

• 75,000 महिलाओं को रोजगार देने पर विशेष जोर के साथ इसमें 1.7 लाख नई नौकरियां सृजित होने का अनुमान है और इसका लक्ष्य सूक्ष्म एवं लघु उद्यम मूल्य श्रृंखला में 5.4 लाख निरंतर जारी रहने वाले रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

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Here’s an FAQ about the Pradhan Mantri Matsya Kisan Samridhi Sah-Yojana (PM-MKSSY):

What is PM-MKSSY Yojana?
Who are the beneficiaries?
  • Fishers, fish farmers, and supportive workers involved in capture fisheries, aquaculture, and allied activities.
What are the key features?
  • Gradual Formalization: Self-registration on a National Fisheries Sector Digital Platform for improved service delivery.
  • Financial Assistance: Performance grants up to 35% of investment for microenterprises and Village Level Organizations, with higher rates for SC/ST/women beneficiaries.
  • Access to Institutional Financing: Facilitation of loans from banks and financial institutions.
  • Aquaculture Insurance: One-time incentive to encourage insurance adoption for better risk management.
What is the investment and duration?
  • Rs. 6,000 crore over four years (2023-24 to 2026-27).
Where is it implemented?
  • Across all States and Union Territories of India.
How can I apply?
  • The official notification mentions implementation through nodal agencies in states/UTs. It’s crucial to contact your local fisheries department for specific application procedures and eligibility criteria, as they may vary depending on location.

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