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HP GK in Hindi 2023. Famous Temples in Himachal Pradesh General Knowledge 2023

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HP GK in Hindi 2023. Famous Temples in Himachal Pradesh General Knowledge 2023:-

हिमाचल प्रदेश को देवी देताओं की धरती भी कहा जाता है और यहाँ पर कई प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं। इनमें से कुछ मंदिर रहस्यमय भी होते हैं, जिनका प्राचीन काल से संबंध है। हर साल, दुनिया के विभिन्न कोनों से लोग हिमाचल के प्रसिद्ध मंदिरों की दर्शनीयता को देखने आते हैं, जो वैश्विक रूप में मशहूर हैं। इस बारें में हम आपको हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

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हिमाचल प्रदेश के प्रमुख मंदिर, हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिर, और हिमाचल प्रदेश के तीर्थ स्थल (Himachal Pradesh के धार्मिक स्थल, Himachal Pradesh मंदिर लिस्ट, हिमाचल प्रदेश के मंदिर, हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिर) की जानकारी:

Major Temples of Himachal Pradesh

मंदिरो के नाम  जिले के नाम 
मणिमहेश मंदिर चम्बा
हिडिम्बा देवी मंदिर मनाली
बिजली महादेव मंदिर कुल्लू
जाखू मंदिर शिमला
तारा देवी मंदिर शिमला
बैजनाथ मंदिर काँगड़ा
ज्वालामुखी मंदिर काँगड़ा
मसरूर रॉक कट मंदिर काँगड़ा
नैना देवी मंदिर बिलासपुर
शिकारी देवी मंदिर मण्डी
कमरुनाग मंदिर मण्डी
चिंतपूर्णी मंदिर ऊना
शूलिनी मंदिर सोलन

मणिमहेश मंदिर (Manimahesh Temple)

मणिमहेश मंदिर चम्बा के भरमौर जिले में स्थित है इस मंदिर का निर्माण राजा मेरुवर्मन ने करवाया था मणिमहेश मंदिर समुद्र तल से 13500 फीट  की ऊंचाई पर स्थित है  जुलाई -अगस्त के दौरान तीर्थ यात्री मणिमहेश यात्रा करने जाते है यहां पर 7 दिन मेला भी लगता है जो की जन्माष्टमी के दिन समाप्त होता है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर (Laxmi Narayana Temple)

लक्ष्मी नारायण मंदिर हिमाचल प्रदेश के चम्बा में स्थित है यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है  इस मंदिर  निर्माण साहिल वर्मन ने 10वी शताब्दी में करवाया था इस मंदिर का निर्माण शिखर शैली में हुआ है यह 6 मंदिरो  समूह है।

हडिम्बा देवी मंदिर (Hadimba Devi Temple)

हिडिम्बा देवी मंदिर मनाली से 3 किलोमीटर दूर ढुंगरी के जंगल में स्थित है यह मंदिर भीम के पत्नी हडिम्बा देवी को समर्पित है इस मंदिर का निर्माण राजा बहादुर सिंह ने 1553 ई में करवाया था हडिम्बा देवी मंदिर में हर साल यहां पर मई महीने में ढुंगरी मेला लगता है।

 

 

शक्ति देवी मंदिर (Shakti Devi Temple)

शक्ति देवी मंदिर चम्बा से 60 किलोमीटर दूर छतराड़ी में स्थित है इस मंदिर का निर्माण 780 ई पूर्व मेरुवर्मन ने करवाया था  शिल्पी गुग्गा ने इस मंदिर को बनाया था शिल्पी गुग्गा मेरुवर्मन का प्रमुख शिल्पकार था।

ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi Temple)

ज्वालामुखी मंदिर हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ज्वालामुखी मंदिर भारत 51 शक्तिपीठो में से यह मंदिर एक है ऐसा कहा जाता है की देवी सती की जीभ यहां गिरी थी इसलिए इस मंदिर को ज्वालामुखी के नाम से जाना जाता है यह मंदिर भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक है ज्वालामुखी मंदिर को खोजने का श्रेय पाडवो को जाता है अकबर ज्वालामुखी मंदिर म सोने का छत्र चढ़ाया था जिसका रंग बदल गया था ज्वालामुखी मंदिर को जोता वाली का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। 1365 ई में इस मंदिर को फिरोजशाह तुगलक ने लूटा था

ब्रजेस्वरी मंदिर (Bajreshwari Temple)

ब्रजेस्वरी देवी मंदिर काँगड़ा जिले में स्थित है ऐसा बताया जाता है की इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पांडवो ने करवाया था इस मंदिर को आक्रमणकारियों द्वारा ने काफी बार लुटा गया है 1337 में इस मंदिर को  मोहमद बिन तुगलक ने लूटा उसके बाद पांचवी शताब्दी में भी इस मंदिर को सिकंदर लोदी ने लूटा था ब्रजेस्वरी मंदिर को महमूद गजनवी ने तोडा था जिसको बाद में बनवा दिया गया था साल 1905 में आये भूकंप में यह मंदिर पूरी तरह नष्ट हो गया था जिसे सरकार ने 1920 में इस मंदिर को दोबारा बनाया गया था।

मसरूर रॉक कट मंदिर (Masroor Rock Cut Temple)

मसरूर रॉक कट मंदिर नागर शैली का बना हुआ है यह मंदिर काँगड़ा जिले में स्थित है 8वीं शताब्दी में बने इस मंदिर का निर्माण कश्मीर के राजा ललित्यदित्य ने करवाया था यह मंदिर भगवान भोलेनाथ को समर्पित है यहाँ का मुख्य धार्मिक स्थल ठाकुरद्वार है जिसमे राम, लक्ष्मण और सीता की पत्थर की मूर्ति है हिमाचल का अजंता मसरूर रॉक कट मंदिर को कहाँ जाता है। 1913 में मसरूर रॉक कट मंदिर की  खोज का श्रेय एच् एल शटलवर्थ (H L Stallworth) को जाता है

बिजली महादेव मंदिर (Bijli Mahadev Temple)

बिजली महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से 14 किलोमीटर दूर व्यास नदी के किनारे स्थित है यह रहस्यमय मंदिरों में से एक है इस मंदिर पर हर 12 साल में शिवलिंग पर आसमान से बिजली गिरती है लकिन इस मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुचा प्रमाणित कथा के अनुसार यहां विशालकाय घाट साँप के रूप में रहता है जिसका भोलेनाथ ने वध किया था बताया जाता है की भगवान इंद्र महादेव से आज्ञा लेकर हर 12 साल में बिजली गिरते है यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।

वशिष्ठ मंदिर (Vashishtha Temple)

वशिष्ठ मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में एक है यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के मनाली में स्थित है माना जाता है की यह मंदिर 4000 साल पुराना है वशिष्ठ मंदिर ऋषि वशिष्ठ को समर्पित है ऋषि वशिष्ठ भगवान राम के कुल गुरु थे उनके नाम पर जिस गॉव में यह मंदिर स्थित है गॉव का नाम ऋषि वशिष्ठ के नाम पर पड़ा इस मंदिर के पास में स्थित गर्म पानी का झरना भी है जो बहुत पवित्र माना जाता है।

जामलू मंदिर (Jamlu Temple)

जामलू मंदिर कुल्लू जिले के मलाणा गाँव में स्थित है यह मंदिर ऋषि जमदग्नि को समर्पित है जिसे जामलू देवता के नाम से जाना जाता है।

जाखू मंदिर (Jakhu Temple)

जाखू मंदिर शिमला में स्थित प्राचीन मंदिरो में से एक है यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है जाखू मंदिर भगवान हनुमान जी की 108 फुट मूर्ति बनाई गई है यह मूर्ति 2010 में स्थापित की गई थी कहा जाता है की जब राम और रावण का युद्ध हो रहा था तब लक्ष्मण के मूर्छित हो जाने पर हनुमान संजीवनी बूटी लेने के लिए गये थे तो भगवान हनुमान जी ने यहां पर विश्राम किया था आज भी यहा पर हनुमान के पैरो के निशान है जाखू शब्द ऋषि याकू के नाम से लिया गया है जिन्होंने इस मूर्ति का निर्माण किया था।

तारा देवी मंदिर (Tara Devi Temple)

तारा देवी मंदिर शिमला से लगभग 5 किलोमीटर की दुर स्थित है यह मंदिर माँ तारा देवी को समर्पित है जो बगाल से हिमाचल आयी थी इस मंदिर में अष्टधातु की 18 भुजाओ वाली मूर्ति है इस अष्टधातु मूर्ति का निर्माण क्योंथल के राजा बलबीर सेन ने करवाया था और तारा देवी मंदिर भूपेंद्र सिंह ने बनवाया था।

हाटकोटी मंदिर (Hatkoti Temple)

हाटकोटी मंदिर शिमला से 104 किलोमीटर दूर रोहडू तहसील के हाटकोटी  स्थित है यह मंदिर माता हाटकोटी को समर्पित है यहाँ पर महिषासुरमर्दिनी की अष्टधातु की अष्टभुजा वाली मूर्ति स्थापित है वीर प्रकाश ने इसका पुननिर्माण करवाया था।

भीमाकाली मंदिर (Bhimakali Temple)

भीमाकाली मंदिर शिमला जिले के सराहन में स्थित है रामपुर बुशहर द्वारा निर्मित यह मंदिर हिन्दू और बौद्ध श्रेणी का मिश्रण है राजकीय  घराने के के महल इस मंदिर के सामने स्थित है किवदतियों के अनुसार इस स्थान पर देवी सती का कान यहाँ गिरा था सराहन की प्राचीन समय में शोणितपुर नाम से जाना जाता था।

संकटमोचन मंदिर(Sankat Mochan Temple

संकटमोचन मंदिर शिमला जिले की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित है सकटमोचन मंदिर का निर्माण 1926 ई में नैनीताल के बाबा नीम करौरी ने करवाया था यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है संकटमोचन मंदिर तारा देवी मंदिर के पास में स्थित है।

बैजनाथ मंदिर (Baijnath Temple)

बैजनाथ या वैद्यनाथ मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख प्राचीन मंदिरो में से एक है काँगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर 1126 मीटर की ऊचाई पर गोमती नदी के किनारे स्थित है बैजनाथ मंदिर का निर्माण 1204 ई में मयूक और आहुक ने करवाया था इस मंदिर का निर्माण शिखर शैली में किया गया है यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है बैजनाथ को पहले कार्तिक्यपुर के नाम से जाना जाता था जो की 12वीं और 13 वीं शताब्दी में वंश की राजधानी हुआ करती थी।

भूतनाथ मंदिर (Bhootnath Temple)

हिमाचल प्रदेश के मण्डी जिले में स्थित भूतनाथ मंदिर, जिसका समर्पण अर्धनारीश्वर को किया गया है, का निर्माण 1526 ईस्वी में राजा अजबर सेन ने करवाया था।

शिकारी देवी मंदिर (Shikari Devi temple )

जंजैहली क्षेत्र में स्थित शिकारी देवी मंदिर, मण्डी जिले का एक महत्वपूर्ण स्थल है। इसका नाम शिकारी देवी मंदिर है क्योंकि माना जाता है कि यहाँ के शिकारी ने अपनी विजय प्राप्ति के लिए माता की पूजा की थी। यह भी एक रहस्यमयी मंदिरों में से एक है जहाँ माता की पूजा एक पत्थर के रूप में की जाती है। इस मंदिर की विशेषता यहाँ की छत के अभाव में है, जिसके कारण इसे अजूबा माना जाता है। इस मंदिर की छत को लगाने की कोशिश कई बार की गई है, लेकिन किसी भी प्रयास में सफलता नहीं मिली है।

कमरूनाग मंदिर (Kamrunag Temple

हिमाचल प्रदेश के मण्डी जिले से 51 किलोमीटर दूर करसोग में स्थित कमरुनाग मंदिर झील एक महत्वपूर्ण स्थल है। इस मंदिर की ऊँचाई समुंद्रतल से 3334 मीटर है और यहाँ हर साल एक मेला आयोजित होता है। कामरुनाग मंदिर से रोहांडा तक का पैदल रास्ता 6 किलोमीटर का है।

इस मंदिर का निर्माण यक्षों के राजा के सम्मान में किया गया था और महाभारत में इसका उल्लेख मिलता है। इसे कामरुनाग झील भी कहते हैं और इसका माना जाता है कि इस झील में लाखों करोड़ों रुपये का सोना-चांदी भी है, जिसे कोई नहीं निकाल सकता है। श्रद्धालु यहाँ हर साल अपनी साधना से सोना और चांदी की चढ़ावट करते हैं, जब उनकी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।

नैना देवी मंदिर (Naina Devi Temple)

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित नैना देवी मंदिर विख्यात मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की शैली गुम्बद से बनाई गई है और इसका निर्माण 8वीं शताब्दी में वीर चंद चंदेल ने करवाया था। यहाँ की मान्यता अनुसार यहाँ माता सती के नयन गिरे थे, जिस कारण इस मंदिर का नाम नैना देवी पड़ा। लोग इसे बताते हैं कि इस मंदिर में कई शताब्दियों से पुराने पीपल के पेड़ हैं। नैना देवी मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

गायत्री मंदिर (Gayatri Temple)

रेणुका में स्थित गायत्री मंदिर महात्मा पराया नंद द्वारा निर्मित किया गया है। इस मंदिर में गायत्री माता का आदर किया जाता है, जिन्हें वेदों की भी महत्ता है।

जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित जगन्नाथ मंदिर, जिसका निर्माण राजा बुद्ध प्रकाश ने 1681 ईस्वी में करवाया था, एक प्रमुख स्थल है। यहाँ पर सावन द्वादशी को एक मेला आयोजित होता है।

त्रिलोकपुर मंदिर (Trilokpur Temple)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में स्थित त्रिलोकपुर मंदिर, जिसका निर्माण दीप प्रकाश ने 1573 ईसवी में करवाया था, एक महत्वपूर्ण स्थल है। इस मंदिर की स्थापना बाला सुंदरी को समर्पित की गई है, जिसे “84 घाटियों वाली देवी” भी कहा जाता है।

चिंतपूर्णी मंदिर (Chintpurni Temple)

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित चिंतपूर्णी मंदिर एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में माता सती के चरण गिरे थे।

शूलिनी मंदिर (Shoolini Temple)

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित शूलिनी मंदिर विशेष महत्वपूर्ण स्थल है। माता शूलिनी को बगाट रियासत के शासकों की आधिष्ठात्री माना जाता है और इसी नामकरण के आधार पर सोलन शहर का नामकरण हुआ है।

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FAQ

Q:1  मणिमहेश मंदिर किस जिले में है

Ans: मणिमहेश मंदिर चम्बा जिले में स्थित है।

Q: 2 नैना देवी का मंदिर कहां है

Ans: नैना देवी का मंदिर बिलासपुर जिले में स्थित है।

Q: 3 ज्वालामुखी मंदिर को किसने लूटा था

Ans: ज्वालामुखी मंदिर को फिरोजशाह तुगलक ने लूटा था।

Q: 4 बैजनाथ मंदिर का निर्माण किसने करवाया

Ans: बैजनाथ मंदिर का निर्माण 1204 ईस्वी में मयूक और आहुक द्वारा करवाया गया था।

Q: 5 बैजनाथ का पुराना नाम क्या था

Ans: बैजनाथ का पुराना नाम कार्तिकेयपुर था।

Q: 6 ‘टारना देवी’ मंदिर कहाँ है?

Ans: ‘टारना देवी’ मंदिर मण्डी जिले में स्थित है।

Q: 7’त्रिलोकीनाथ’ मंदिर कहाँ स्थित है?

Ans: ‘त्रिलोकीनाथ’ मंदिर लाहौल स्पीती में स्थित है।

Q: 8 ‘ज्वालामुखी’ मंदिर की जिले में स्थित है?

Ans: ‘ज्वालामुखी’ मंदिर काँगड़ा जिले में स्थित है।

Q:9 ‘कमरुनाग’ मंदिर किस जिले में है?

Ans: ‘कमरुनाग’ मंदिर मण्डी जिले में है।

Q: 10 ‘दियोटसिद्ध’ मंदिर किस जिले में स्थित है?

Ans: ‘दियोटसिद्ध’ मंदिर हमीरपुर जिले में स्थित है।

Q: 11’कामाक्षा’ मंदिर कहाँ स्थित है?

Ans: ‘कामाक्षा’ मंदिर करसोग में स्थित है।

Q: 12 कामाक्षा मंदिर किस शैली में बना हुआ है?

Ans: कामाक्षा मंदिर पैगोडा शैली में बना हुआ है।

Q:13  हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर कहाँ स्थित है?

Ans: हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर निरथ में स्थित है।

Q:14  कामाक्षा मंदिर करसोग के निकट किस गाँव में है?

Ans: कामाक्षा मंदिर करसोग क्षेत्र के गाँव काओ में है।

Q:15  कामना देवी मंदिर शिमला शहर के किस क्षेत्र में है?

Ans: कामना देवी मंदिर शिमला शहर के बालूगंज क्षेत्र में है।

Q:16 चम्बा का ‘लक्ष्मी नारायण’ मन्दिर किसने बनवाया था?

Ans: चम्बा के ‘लक्ष्मी नारायण’ मंदिर का निर्माण राजा साहिल वर्मन ने करवाया था।

Q:17  मनु का प्राचीनतम मंदिर कहाँ स्थित है?

Ans: मनु का प्राचीनतम मंदिर मनाली में स्थित है।

Q:18 किस मंदिर का कारदार (प्रबन्धक) ठाकुर और पुजारी लामा होता है?

Ans: ‘त्रिलोकीनाथ’ मंदिर का कारदार ठाकुर और पुजारी लामा होता है।

Q:19 हिमाचल प्रदेश के किस जिले में शृंगी ऋषि का मंदिर है?

Ans: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शृंगी ऋषि का मंदिर है।

Q:20 शिमला जिले में किस स्थान पर माहूँनाग मंदिर स्थित है?

Ans: शिमला जिले में माहूँनाग मंदिर खोब स्थित है।

Q:21 हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में किस स्थान पर चंद्रशेखर मंदिर स्थित है?

Ans: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में चंद्रशेखर मंदिर साहो स्थित है।

Q:22 भद्रकाली भलेई माता मंदिर किस जिले में स्थित है?

Ans: भद्रकाली भलेई माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित है।

Q:23 कुल्लू जिले के किस स्थान पर बशेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है?

Ans: कुल्लू जिले के बजौरा स्थान पर बशेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है।

Q: 24 सुकेत रियासत के किस राजा ने भखारी गाँव (मण्डी) में माहूँनाग मंदिर का निर्माण किया था?

Ans: सुकेत रियासत के राजा श्याम सेन ने भखारी गाँव (मण्डी) में माहूँनाग मंदिर का निर्माण किया था।

Q:25 मण्डी जिले के किस क्षेत्र में शिकारी देवी मंदिर स्थित है?

Ans: मण्डी जिले के करसोग क्षेत्र में शिकारी देवी मंदिर स्थित है।

Q:26  डल झील काँगड़ा के समीप स्थित भगवान ध्रुवेश्वर मंदिर का निर्माण किस ऋषि ने किया था?

Ans: डल झील काँगड़ा के समीप स्थित भगवान ध्रुवेश्वर मंदिर का निर्माण ऋषि अगस्त ने किया था।

Q: 27 किन्नौर जिले के किस स्थान पर चंडिका देवी मंदिर स्थित है?

Ans: किन्नौर जिले के कल्पा स्थान पर चंडिका देवी मंदिर स्थित है।

Q:28 ‘हाटकोटी’ मन्दिर कहाँ स्थित है?

Ans: ‘हाटकोटी’ मन्दिर शिमला में स्थित है।

Q:29  चिंतपूर्णी मन्दिर का आधिकतर भाग किस जिले में है?

Ans: चिंतपूर्णी मन्दिर का आधिकतर भाग ऊना जिले में है।

Q:30 ‘मणिमहेश’ पर्यटन स्थल कहाँ स्थित है?

Ans: ‘मणिमहेश’ पर्यटन स्थल चम्बा में स्थित है।

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